नई दिल्ली: पिछली साल कोरोना (Coronavirus) की दस्तक के बाद से ही देश भर के तमाम स्कूल बंद हैं. बच्चों के लिए अभी भी वैक्सीन न आ पाने की वजह से स्कूल खोलने का निर्णय बेहद कठिन है. दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है तो तीसरी लहर की घंटी भी बज रही है. इसी बीच दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने एक बार फिर स्कूल खोले जाने की संभावना को लेकर चर्चा शुरू की है.
दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने छात्रों, अभिभावकों और टीचर्स से इस बारे में सुझाव मांगे हैं कि क्या राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल और कॉलेजों में Physical Classes फिर से शुरू होनी चाहिए. यह कदम कई राज्यों द्वारा या तो स्कूलों और कॉलेजों को फिर से खोलने की घोषणा के बाद आया है, या आने वाले महीनों में ऐसा करने की योजना बना रहे हैं.दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia), जिनके पास शिक्षा विभाग भी है, उन्होंने एक कहा कि जहां कई अभिभावकों और शिक्षकों ने स्कूलों को फिर से खोलने में रुचि दिखाई है, वहीं उन्होंने छात्रों की सुरक्षा पर भी अपनी चिंता व्यक्त की है. मनीष सिसोदिया ने कहा, 'सरकारी स्कूलों में चल रही पीटीएम के दौरान, कई अभिभावकों और शिक्षकों ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों को अब फिर से खोल दिया जाना चाहिए क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड की स्थिति नियंत्रण में है.
पेरेंट्स Email से दें सुझाव
सिसोदिया ने कहा, इससे पहले कि राज्य सरकार कोई निर्णय लेती. दिल्ली के शिक्षा मंत्री के रूप में, मैं इस मुद्दे पर माता-पिता और शिक्षकों और यहां तक कि छात्रों से भी सुझाव आमंत्रित करना चाहता हूं.' दिल्ली के नागरिक, जिनके बच्चे निजी/सरकारी स्कूलों या कॉलेजों में एनरॉल हैं, अपने विचार ई-मेल के जरिए भेज सकते हैं. ई-मेल में छात्र और स्कूल/कॉलेज का नाम और एक शॉर्ट में सुझाव शामिल होना चाहिए कि क्या स्कूल या कॉलेज राष्ट्रीय राजधानी में फिर से खुलने चाहिए.
पांच लाख से ज्यादा पेरेंट्स के आ चुके हैं सझाव
सिसोदिया ने कहा, 'हम सभी विचारों को इकट्ठा करेंगे और मामले को देखने वाली समिति के सामने पेश करेंगे.' डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि 19 जुलाई से पांच लाख से अधिक माता-पिता डिजिटल और डायरेक्ट पीटीएम में शामिल हुए हैं. दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DEO) ने छात्रों की प्रगति का आकलन करने के लिए सभी सरकारी स्कूलों में PTM शुरू की है. यह प्रक्रिया 30 जुलाई को समाप्त होगी.
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