नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus In India) के मुद्दे पर लोकसभा (Loksabha) में आज चर्चा होगी. सदन की कार्यसूची के अनुसार एनके प्रेम चंद्रन और विनायक राउत, देश में कोरोना के हालात का मुद्दा उठाएंगे. राज्यसभा में मानसून सत्र (Monsoon Session 2021) के शुरूआत में ही चर्चा हो चुकी है. राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीरन (V Murlidharan) ने गुरुवार को बताया कि कोविड की दूसरी लहर में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने पूरा सहयोग दिया. उन्होंने कि 52 देशों से भारत को कोविड का मुकाबला करने के लिए जरूरी चीजें मिलीं. साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन सहित कई देशों ने भारतीय छात्रों के लिए यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी है तथा कोरोना वायरस की स्थिति में सुधार होने के साथ अन्य देशों द्वारा भी ऐसा किए जाने की उम्मीद है.विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी.उन्होंने कहा कि सरकार इस बात का प्रयास कर रही है कि विदेशी विश्वविद्यालयों में पंजीकृत भारतीय छात्रों के लिए यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी जाए.उन्होंने कहा, 'विदेशी विश्वविद्यालयों में पंजीकृत भारतीय छात्रों के लिए यात्रा प्रतिबंध, जहां कहीं भी लगाए गए हैं, उनमें ढील दिलवाने के मकसद से (विदेश) मंत्रालय प्रयास कर रहा है ताकि संबंधित देशों तक उनकी यात्रा संभव हो सके.'
यात्रा प्रतिबंध का मुद्दा कई देशों में उठाया गया- विदेश राज्य मंत्री
मुरलीधरन ने कहा, ' विदेशों में हमारे मिशन इस मुद्दे को संबंधित सरकारों के समक्ष उठा रहे हैं और उन सरकार को इस बात के लिए मना रहे हैं कि यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी जाए.' उन्होंने कहा कि यात्रा प्रतिबंध का मुद्दा कई देशों के समक्ष मंत्री स्तर पर उठाया गया है.उन्होंने कहा, 'परिणामस्वरूप, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, आयरलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, जार्जिया आदि देशों में भारतीय छात्रों के लिए यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी गयी है.कोविड स्थिति में सुधार आने के बाद कई अन्य देशों द्वारा ढील दिए जाने की उम्मीद है.' मुरलीधरन ने कहा कि छात्रों सहित विदेशों में रह रहे भारतीय का कल्याण सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है.
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